NFSA क्या है? खाद्य सुरक्षा कानून में आपके हक़ (2026)
⚡ सीधा जवाब
बहुत लोग राशन को सरकार की मेहरबानी समझते हैं — मिल गया तो ठीक, नहीं मिला तो चुप रह गए। लेकिन NFSA आने के बाद यह आपका कानूनी हक़ है। इस guide में हम बता रहे हैं कि कानून में असल में क्या लिखा है, आपको क्या-क्या मिलना चाहिए और हक़ न मिले तो किस क्रम में शिकायत करनी है।
1. NFSA कब आया?
National Food Security Act सितंबर 2013 में लागू हुआ। इससे पहले राशन व्यवस्था Targeted PDS जैसी योजनाओं के तहत चलती थी, जिन्हें सरकार अपनी मर्ज़ी से बदल सकती थी। NFSA ने अनाज की मात्रा और पात्र लोगों की सीमा को कानून में लिख दिया। इसके बाद सभी राज्यों ने अपने-अपने समय पर इसे लागू किया।
2. NFSA किसे cover करता है?
कानून कहता है कि देश की ग्रामीण आबादी का 75% और शहरी आबादी का 50% तक हिस्सा cover होगा। यह national औसत है — हर राज्य का प्रतिशत उसकी गरीबी के हिसाब से अलग तय किया गया। पात्र परिवार दो category में बंटे हैं:
AAY — Antyodaya Anna Yojana (पीला card)
किसे: सबसे गरीब परिवार, जिनकी कोई स्थिर (stable) आय नहीं है — जैसे भूमिहीन मज़दूर, विधवा या अकेले रहने वाले बुज़ुर्ग
कितना: पूरे परिवार के लिए 35 kg हर महीने, चाहे परिवार में कितने भी सदस्य हों।
PHH — Priority Household (गुलाबी card)
किसे: राज्य सरकार द्वारा पहचाने गए बाकी पात्र परिवार।
कितना: हर member को 5 kg हर महीने।
Exact income limit यहां क्यों नहीं लिखी
3. कानून में लिखे आपके मुख्य हक़
| धारा | हक़ |
|---|---|
| धारा 3 | पात्र परिवारों को तय मात्रा में अनाज (AAY 35 kg/परिवार, PHH 5 kg/member) |
| धारा 4 | गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण और कम से कम ₹6,000 का मातृत्व लाभ |
| धारा 5 | 6 महीने से 14 साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी और स्कूल में पोषक भोजन |
| धारा 8 | अनाज न मिलने पर राज्य सरकार से खाद्य सुरक्षा भत्ता (Food Security Allowance) |
| धारा 13 | Ration card के लिए परिवार की सबसे बड़ी महिला (18+) मुखिया |
| धारा 15–16 | ज़िले में शिकायत अधिकारी (DGRO) और राज्य खाद्य आयोग में अपील का हक़ |
| धारा 27–29 | PDS records public होना, social audit और सतर्कता समितियां |
पूरा कानून पढ़ने के लिए भारत सरकार की nfsa.gov.in website देखें।
4. PMGKAY: NFSA का अनाज free कैसे हुआ?
NFSA में शुरुआत में चावल ₹3/kg और गेहूं ₹2/kg की दर तय थी। जनवरी 2023 से केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana (PMGKAY) के तहत NFSA का यह अनाज पूरी तरह free कर दिया, और जनवरी 2024 से इसे 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया। इसलिए AAY या PHH card पर dealer अनाज के पैसे नहीं मांग सकता।
5. हक़ न मिले तो शिकायत का सही क्रम
पहला कदम: PGMS या helpline पर शिकायत
PGMS portal पर online शिकायत करें या 1800-212-5512 पर call करें। शिकायत number संभालकर रखें — आगे अपील में यही सबूत बनेगा।
दूसरा कदम: District Grievance Redressal Officer (DGRO)
हल न हो तो ज़िले के DGRO को लिखित शिकायत दें। NFSA की धारा 15 के तहत हर ज़िले में यह अधिकारी होता है। किस अधिकारी को यह ज़िम्मेदारी दी गई है, यह DSO office से पता करें। लिखित शिकायत बनाने के लिए हमारा complaint letter generator इस्तेमाल कर सकते हैं।
तीसरा कदम: Jharkhand State Food Commission
DGRO के फ़ैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो धारा 16 के तहत राज्य खाद्य आयोग में अपील करें। संपर्क number: 9142622194। पता और बाकी जानकारी यहां है।
उसके बाद: High Court
बहुत गंभीर मामलों में High Court में writ petition का रास्ता भी है। इसके लिए किसी वकील या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से free कानूनी सलाह ले सकते हैं।
गड़बड़ी करने वाले dealer पर कार्रवाई
6. हाल के बदलाव जो NFSA cardholders को जानने चाहिए
- e-KYC ज़रूरी: Card के हर member की Aadhaar e-KYC होनी चाहिए। e-KYC कैसे करें
- ONORC: NFSA card पर देश के किसी भी राज्य में राशन उठा सकते हैं। ONORC guide
- Free अनाज: PMGKAY के तहत NFSA अनाज free है।
Official सरकारी Link
Aahar Jharkhand Portal Home ↗
Official portal का homepage
https://aahar.jharkhand.gov.in/
PGMS Complaint Portal (e-SAMADHAN) ↗
Online शिकायत दर्ज करें और track करें
https://pgms.dfcajharkhand.in/
NFSA आपका कानूनी हक़ है। शिकायत करना पूरी तरह free है — किसी agent को पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
NFSA का मतलब क्या है?
NFSA यानी National Food Security Act, 2013 (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम)। यह संसद का बनाया कानून है, जिसके तहत पात्र परिवारों को हर महीने तय मात्रा में अनाज पाने का कानूनी अधिकार मिलता है। इससे पहले राशन सिर्फ़ एक सरकारी योजना थी।
NFSA के तहत कौन पात्र है?
कानून के अनुसार देश की ग्रामीण आबादी के 75% और शहरी आबादी के 50% तक लोगों को cover किया जा सकता है। हर राज्य के लिए यह प्रतिशत अलग तय किया गया है। पात्र परिवारों की पहचान राज्य सरकार करती है — Jharkhand में AAY और PHH card वाले परिवार NFSA में आते हैं।
NFSA से कितना अनाज मिलता है?
AAY परिवार को पूरे परिवार के लिए 35 kg और PHH परिवार में हर member को 5 kg अनाज हर महीने। जनवरी 2023 से यह अनाज PMGKAY के तहत पूरी तरह free है।
NFSA में हक़ का राशन न मिले तो क्या करें?
पहले PGMS portal या 1800-212-5512 पर शिकायत करें। हल न हो तो ज़िले के District Grievance Redressal Officer (DGRO) के पास जाएं। DGRO के फ़ैसले से संतुष्ट न हों तो Jharkhand State Food Commission में अपील कर सकते हैं।
NFSA और PDS में क्या फ़र्क है?
NFSA कानून है जो बताता है कि किसे कितना अनाज मिलना चाहिए। PDS वह व्यवस्था है — गोदाम, राशन दुकान, ePOS machine — जिससे यह अनाज लोगों तक पहुंचता है।
NFSA में ration card किसके नाम पर बनता है?
NFSA की धारा 13 के अनुसार ration card बनाते समय परिवार की 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र की सबसे बड़ी महिला को मुखिया (head of household) माना जाता है। अगर परिवार में ऐसी कोई महिला नहीं है, तो सबसे बड़ा पुरुष सदस्य मुखिया होता है।
क्या Green card (JSFSS) NFSA में आता है?
नहीं। Green card Jharkhand सरकार की अपनी योजना JSFSS के तहत बनता है, NFSA के तहत नहीं। इसलिए NFSA की कुछ सुविधाएं, जैसे दूसरे राज्य में ONORC से राशन लेना, Green card पर लागू नहीं होतीं।
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अगला कदम
अगर NFSA के तहत आपका पूरा राशन नहीं मिल रहा, तो पहला कदम PGMS पर शिकायत है।
शिकायत दर्ज करें →Source: National Food Security Act, 2013 (nfsa.gov.in), Department of Food & Public Distribution, Government of India; Department of Food, Public Distribution & Consumer Affairs, Government of Jharkhand। यह guide सिर्फ़ जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। AaharGuide एक independent website है।